यूरोपीय संघ

यूरोपीय संघ की 2030 डिजिटल कम्पास योजना (Digital Compass Plan)

यूरोपीय संघ ने अपनी योजना “2030 डिजिटल कम्पास योजना” जारी की है। कोविड-19 महामारी द्वरा चीनी और अमेरिकी कंपनियों के स्वामित्व वाली प्रमुख प्रौद्योगिकियों पर 27 देशों की निर्भरता को उजागर करने के बाद इस योजना को पेश किया गया है। इस योजना को अंतिम मंजूरी के लिए संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य बिंदु यूरोपीय संघ

Month:

अमेरिका में सिंगल-शॉट COVID-19 वैक्सीन को मंजूरी दी गयी

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सिंगल-शॉट जॉनसन एंड जॉनसन कोविड-19 वैक्सीन के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। यह तीसरा टीका है जिसे अमेरिका में अधिकृत किया गया है। मुख्य बिंदु यह फाइजर और मॉडर्ना टीकों का एक लागत प्रभावी वैकल्पिक वैक्सीन है। इस टीके को फ्रीजर की बजाय फ्रिज में स्टोर किया जा सकता

Month:

G20 के केन्द्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक- मुख्य विशेषताएं

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 26 फरवरी, 2021 को G20 सेंट्रल बैंक गवर्नर्स की बैठक में शामिल हुईं। यह इटली की अध्यक्षता में होने वाली पहली G20 सेंट्रल बैंक गवर्नर्स की पहली बैठक थी। मुख्य बिंदु इस बैठक के दौरान, वित्त मंत्री ने अपने G-20 समकक्षों के साथ COVID-19 महामारी और दुनिया के सबसे

Month:

11वां भारत-यूरोपीय संघ मैक्रोइकॉनमिक संवाद वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया

19 फरवरी, 2021 को वर्चुअल मोड में 11वें भारत-यूरोपीय संघ के वृहद आर्थिक वार्ता हुई। मुख्य बिंदु इस संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने किया। आर्थिक और वित्तीय मामलों के महानिदेशक ने यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में आर्थिक मामलों के विभाग, विदेश मंत्रालय

Month:

व्यापार और निवेश पर प्रथम भारत-यूरोपीय संघ उच्च स्तरीय वार्ता का आयोजन किया गया

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और निवेश पर पहली उच्च-स्तरीय वार्ता 5 फरवरी, 2021 को आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता यूरोपीय संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष और व्यापार आयुक्त वाल्दिस डोंब्रोव्स्कीस और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा की गई। मुख्य बिंदु भारत-यूरोपीय संघ की पहली उच्च-स्तरीय वार्ता 15वें भारत-यूरोपीय संघ

Month:

भारत पर ब्रेक्सिट सौदे का क्या प्रभाव पड़ेगा?

हाल ही में यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के बीच ब्रेक्सिट सौदे  पर हस्ताक्षर किये गये, यह सौदा भारत की दृष्टि से बेहद लाभदायक है। भारत पर प्रभाव यूरोपीय संघ-यूके ब्रेक्सिट सौदे से भारत के लिए लाभ मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र में होगा।ऐसा इसलिए है, क्योंकि ब्रिटेन की मुद्रा सस्ती हो रही हैं। इसलिए, यह

Month:

Advertisement