लाओस

CLMV देश कौन से हैं?

हाल ही में भारत-CLMV बिजनेस कॉन्क्लेव 2020 आयोजित किया गया। इस कॉन्क्लेव के दौरान, भारत ने CLMV देशों को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और लचीली आपूर्ति श्रृंखला पहल में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया । इस कॉन्क्लेव का आयोजन “Building Bridges for Constructive Development” के तहत किया गया।

इस कॉन्क्लेव के दौरान, भारत ने उल्लेख किया कि वह CLMV देशों के साथ COVID-19 वैक्सीन साझा करने के लिए तैयार है।

CLMV देश कौन से हैं?

CLMV देश कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम हैं। CLMV देशों का दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में एक विशेष स्थान है। यह देश विभिन्न व्यापारिक समझौतों के कारण यूरोपीय संघ और चीन तथा अन्य बाजारों तक पहुंच के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करते हैं। इन चार देश में तांबा, तेल, प्राकृतिक गैस, रत्न और टीक जैसे समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं।

CLMV देशों का महत्व

यह देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। पिछले दशक में, इन देशों के साथ भारत का व्यापार 1.5 बिलियन अमरीकी डालर से बढ़कर 10 बिलियन अमरीकी डालर हो गया है।

भारत की CLMV देशों में क्यों दिलचस्पी है?

भारत इन देशों में अपने व्यापार और निवेश को बढ़ाने का इच्छुक है क्योंकि वे चीन जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाते हैं। इस मार्ग से चीन के लिए भारत का व्यापार काफी सस्ता पड़ेगा।

भारत-CLMV

भारत ने CLMV क्षेत्र को दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की है। इसके अलावा, भारत ने I-TEC योजना के तहत इस क्षेत्र से चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित किया है। भारत ने CLMV क्षेत्र के लिए 500 करोड़ रुपये के कोष के साथ परियोजना विकास कोष की स्थापना की है। इसके अलावा, भारत ने कई अन्य बुनियादी ढांचा पहल भी शुरू की हैं। इसमें कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट-ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट का निर्माण शामिल है। भारत अक्षय ऊर्जा विकसित करने के लिए क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रहा है और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में प्रवेश करने के लिए साझेदारी भी बना रहा है।

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