शंघाई सहयोग संगठन

भारत-रूस 2+2 संवाद (India-Russia 2+2 Dialogue) : मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने हाल ही में “2 + 2 मंत्रिस्तरीय संवाद” स्थापित करने के लिए सहमति व्यक्त की है। रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच “2 + 2 मंत्रिस्तरीय” संवाद होता है।

2+2 संवाद (2+2 Dialogue)

  • भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ 2+2 संवाद का आयोजन करता है।
  • रूस ऐसा पहला गैर-QUAD सदस्य है जिसके साथ भारत इस तरह के संवाद का आयोजन करेगा।
  • 2021 में, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा करेंगे। इस शिखर सम्मेलन को बारी-बारी से भारत और रूस में आयोजित किया जाता है।

भारत-रूस (India-Russia)

  • वर्तमान में, रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता है। साथ ही, भारत की प्रमुख रक्षा प्रणाली जैसे S-400 को रूस से खरीदा गया है।
  • दोनों देश शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) और ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य हैं।
  • रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करता है।
  • दोनों देशों ने पहले 2025 तक 30 बिलियन डालर के व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संवाद से उन्हें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।इससे पहले, दोनों देशों ने अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (North-South Transport Corridor), यूरेशियन आर्थिक संघ (Eurasian Economic Union) और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारे (Chennai-Vladivostok Maritime Corridor) में सहयोग स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • भारत द्वारा मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों को रूस द्वारा प्रशिक्षित किया गया था।
  • तमिलनाडु के कुडनकुलम में बनने वाला परमाणु ऊर्जा संयंत्र रूसी सहयोग से बनाया गया है।
  • भारत ने हाल ही में रूस के स्पुतनिक वी वैक्सीन को मंजूरी दी है। यह COVAXIN और COVISHIELD के बाद देश में मंज़ूरी प्राप्त करने वाला तीसरा टीका है।

भारत-रूस संबंधों पर समझौते

1971 में, भारत और रूस ने शांति और मित्रता की संधि पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता देशों के बीच साझा लक्ष्यों की अभिव्यक्ति था। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद, भारत और रूस ने सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

Month:

भारत ने SCO के नौरोज़ समारोह में भाग लिया

बीजिंग में भारतीय दूतावास ने 20 मार्च, 2021 को चीन के बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) के सचिवालय में आयोजित नौरोज़ समारोह  में भाग लिया। नौरोज़ (Nowruz) ईरानी और फारसी नव वर्ष समारोह है।

मुख्य बिंदु

स समारोह में भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री (Vikram Misri) ने भाग लिया, इसमें साथ ही अन्य एससीओ सदस्य देशों के राजनयिकों में शामिल थे जिनमें चीन, रूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। इस उत्सव में 500 से अधिक मेहमानों ने हिस्सा लिया। इस समारोह के दौरान, भारतीय दूतावास ने योग, कथक और भारतीय व्यंजनों को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर, भारतीय राजदूत ने भारत और एससीओ की मित्रता के पोषण के प्रतीक के रूप में एक चीड़ का पेड़ भी लगाया।

नवरोज़ या नौरोज़ (Nowruz)

यह ईरानी नव वर्ष (Iranian New Year) है जिसे फारसी नव वर्ष (Persian New Year) के रूप में भी जाना जाता है। नया साल वसंत विषुव या मार्च विषुव पर शुरू होता है जिसे फरवर्दिन (Farvardin) के पहले दिन के रूप में चिह्नित किया गया है। फरवर्दिन ईरानी सौर कैलेंडर का पहला महीना है। यह दिन दुनिया भर में कई समूहों द्वारा मनाया जाता है। नौरोज़ की उत्पत्ति ईरानी और पारसी संस्कृति है। लेकिन यह त्योहार विभिन्न समुदायों द्वारा 3,000 वर्षों से मध्य एशिया, पश्चिमी एशिया, काला सागर बेसिन, काकेशस, बाल्कन और दक्षिण एशिया में मनाया जाता है। ईरान में नौरोज़ का समय सौर हिजरी एल्गोरिथम कैलेंडर (Solar Hijri Algorithmic Calendar) पर आधारित है।

Month:

CinemaSCOpe क्या है?

हाल ही में भारतीय दूतावास ने 13 दिसंबर, 2020 को चीन में एक फिल्म श्रृंखला “CinemaSCOpe” लॉन्च की है। यह फिल्म श्रृंखला को विशेष रूप से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के लिए लॉन्च की गयी है।

मुख्य बिंदु

इस कार्यक्रम का उद्घाटन चीन में भारतीय राजदूत और शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने संयुक्त रूप से किया। बीजिंग में भारतीय दूतावास ने सिनेमा के माध्यम से संबंधों को मज़बूत बनाने का फैसला किया है। गौरतलब है कि वर्तमान में ‘एससीओ फिल्म फेस्टिवल’ पर भी विचार किया जा रहा है।

CinemaSCOpe

इस फिल्म श्रृंखला में, दो दर्जन से अधिक भारतीय फिल्मों को रूसी भाषा में डब किया गया है। यह श्रृंखला मासिक आधार पर प्रदर्शित की जाएगी। फिल्मों की स्क्रीनिंग की शुरुआत प्रसिद्ध फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ के साथ हुई। यह श्रृंखला वर्ष 2023 में SCO ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट’ की बैठक की भारत की अध्यक्षता तक जारी रहेगी।

भारतीय सिनेमा का महत्व

भारतीय सिनेमा ने बड़े पैमाने पर विश्व को प्रभावित किया है।  सिनेमा ने भारत को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संदेश को दुनिया तक पहुंचाने में मदद की है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)

यह एक राजनीतिक और सुरक्षा समूह है जिसका मुख्यालय बीजिंग में है। रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने वर्ष 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में एससीओ की स्थापना की थी। यह 40% से अधिक मानवता एवं वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता हैं। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया वर्तमान में इसके पर्यवेक्षक है। वर्ष 2005 में भारत और पाकिस्तान को इस समूह के पर्यवेक्षकों के तौर पर शामिल किया गया था. दोनों देशों को वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य बनाया गया।

Month:

भारत करेगा एससीओ के सरकार के प्रमुखों की बैठक का आयोजन

भारत 30  नवम्बर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक की मेजबानी वर्चुअल फॉर्मेट में करेगा। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के  उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू बैठक करेंगे।

मुख्य बिंदु

यह पहली बार है जा भारत की अध्यक्षता में इस शिखर सम्मेलन की बैठक आयोजित की जाएगी। भारत ने 2017 में शंघाई सहयोग संगठन की पूर्ण सदस्यता हासिल की थी।

यह शिखर सम्मेलन वार्षिक रूप से प्रधानमंत्रियों के स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसमें व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर फोकस किया जाता है। भारत ने पिछले वर्ष 2 नवंबर को सरकार के प्रमुखों की परिषद की अध्यक्षता हासिल की थी। इस बैठक में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री SCO बैठक में भाग लेंगे। इसमें पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के लिए संसदीय सचिव द्वारा किया जाएगा।

एससीओ सदस्य देशों के अलावा इसमें एससीओ के चार पर्यवेक्षक देश भी भाग लेंगे – जिसमें अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति, बेलारूस के प्रधानमंत्री और मंगोलिया के उप-प्रधानमंत्री शामिल हैं। तुर्कमेनिस्तान को मेजबान के विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)

यह एक राजनीतिक और सुरक्षा समूह है जिसका मुख्यालय बीजिंग में है। रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने वर्ष 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में एससीओ की स्थापना की थी। यह 40% से अधिक मानवता एवं वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता हैं। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया वर्तमान में इसके पर्यवेक्षक है। वर्ष 2005 में भारत और पाकिस्तान को इस समूह के पर्यवेक्षकों के तौर पर शामिल किया गया था. दोनों देशों को वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य बनाया गया।

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