AICTE

कृषि मंत्रालय ने किसान कल्याण के लिए माइक्रोसॉफ्ट साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत के कृषि मंत्रालय ने हाल ही में किसान कल्याण के लिए एक पायलट परियोजना को लागू करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

परियोजना के बारे में

  • इस परियोजना में कृषि को बढ़ावा देने वाली प्रौद्योगिकी पर ध्यान दिया जाएगा।
  • यह किसानों को फसल के बाद के मौसम में विशेष रूप से स्मार्ट कृषि तकनीक प्रदान करेगा।
  • यह परियोजना छह राज्यों के 100 गांवों में शुरू की जाएगी।
  • इस परियोजना के लिए चुने गए छह राज्य मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और आंध्र प्रदेश हैं।

भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कल्याण कार्यक्रम

  • 2019 में, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने हथकरघा बुनकरों की मदद के लिए प्रोजेक्ट रीवीव (Project ReWeave) लॉन्च किया था। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में हथकरघा बुनाई पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना है। इस  परियोजना के तहत एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया था। यह बुनकरों को अपनी आय बढ़ाने में मदद करेगा।
  • माइक्रोसॉफ्ट नेभविष्य के कौशल के साथ शिक्षकों और शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने के लिए AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) के साथ भागीदारी की है।
  • यह राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ जुड़ गया है ताकि भारत में एक लाख से अधिक महिलाओं को डिजिटल कौशल प्रदान किया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत, माइक्रोसॉफ्ट लाइव प्रशिक्षण सत्रों की एक श्रृंखला प्रदान करेगा और महिलाओं व युवा लड़कियों के लिए अवसर बनाने में मदद करेगा।

भारत में कृषि

  • भारत दुनिया में कृषि उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। भारत में 50% से अधिक कार्यबल कृषि में कार्यरत हैं। वे भारत की जीडीपी में 17% से 18% का योगदान करते हैं।
  • भारत 38 बिलियन अमरीकी डालर मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात करता है। यह भारत को दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कृषि निर्यातक बनाता है।
  • हालांकि, भारतीय कृषि क्षेत्र का उत्पादन अच्छा है, उत्पादकता कम है।

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शिक्षा मंत्री ने विजेताओं को महिला सशक्तिकरण पर AICTE लीलावती पुरस्कार 2020 प्रदान किये

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’) ने नई दिल्ली में विजेताओं को महिला सशक्तिकरण पर AICTE लीलावती पुरस्कार 2020 प्रदान किया।

मुख्य बिंदु

रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने AICTE (All India Council for Technical Education) के लीलावती पुरस्कारों (Lilawati Awards) की स्थापना की पहल का स्वागत किया और कहा कि इस तरह के अभिनव कदम लड़कियों को उच्च शिक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरणा देंगे।

केंद्र सरकार ने उड़ान योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा तक पहुँच प्राप्त करने के लिए स्कूल स्तर पर कमजोर सामाजिक-आर्थिक स्थिति की लड़कियों को सक्षम बनाना है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने युवा महिलाओं को अपनी तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाने का अवसर देने के लिए प्रगति योजना (Pragati Yojana) भी शुरू की है।

‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर आधारित, AICTE ने कुल 456 प्रविष्टियों में से विजेताओं को अंतिम रूप दिया। यह पुरस्कार महिला स्वास्थ्य, आत्मरक्षा, स्वच्छता, साक्षरता, महिला उद्यमिता और कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में दिए गये हैं।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE)

AICTE एक वैधानिक निकाय है और तकनीकी शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की परिषद है। यह उच्च शिक्षा विभाग के तहत काम करती है। इस परिषद की स्थापना नवंबर, 1945 में की गई थी। यह पहले एक सलाहकार निकाय था।

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गणित और भौतिकी इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं है : AICTE

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए अनुमोदन प्रक्रिया पुस्तिका जारी की है।

मुख्य बिंदु

AICTE की हैंडबुक इस पर प्रकाश डालती है; मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे इंजीनियरिंग की मुख्य धाराओं के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित महत्वपूर्ण विषय बने रहेंगे। हालांकि टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर या बायोटेक्नोलॉजी जैसी धाराओं के लिए, छात्रों को कक्षा 12  में इन तीन विषयों का अध्ययन नहीं करने का विकल्प दिया जाएगा । जो लोग इन विषयों का विकल्प नहीं चुनते हैं, उन्हें कॉलेज में ब्रिज कोर्स के माध्यम से आवेदन करना होगा।

नियम क्या कहता है?

नियम 2021-22 के शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जायेगा। इस नियम के अनुसार, जो छात्र कुछ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों जैसे टेक्सटाइल इंजीनियरिंग आदि में प्रवेश की मांग कर रहे हैं, उन्हें भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, कंप्यूटर विज्ञान में से कोई भी तीन विषय लेकर 10 + 2 उत्तीर्ण करना होगा।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE)

AICTE एक वैधानिक निकाय है और तकनीकी शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की परिषद है। यह उच्च शिक्षा विभाग के तहत काम करती है। इस परिषद की स्थापना नवंबर, 1945 में की गई थी। यह पहले एक सलाहकार निकाय था।

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