COVID-19

कोविड-19 पर दूसरा वैश्विक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया

COVID-19 पर दूसरा वैश्विक शिखर सम्मेलन हाल ही में वर्चुअली आयोजित किया गया। COVID-19 पर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी किसने की? इस शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी अमेरिका, बेलीज, जर्मनी, इंडोनेशिया और सेनेगल द्वारा की गई। COVID-19 पर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन के उद्देश्य क्या हैं? वैश्विक वैक्सीन कवरेज बढ़ाने के प्रयासों में तेजी

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InspectIR COVID-19 Breathalyzer : अब सांस के परीक्षण से कोविड-19 का पता लगाया जा सकेगा

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) द्वारा एक COVID-19 परीक्षण के लिए एक आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्रदान किया गया है जो किसी व्यक्ति के सांस के नमूनों का उपयोग करता है। इस अधिकृत डिवाइस को InspectIR Covid-19 Breathalyzer नाम दिया गया है और इसे InspectIR Systems नाम की कंपनी द्वारा विकसित किया गया है।

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भारत में कोविड टीकाकरण का आंकड़ा 180 करोड़ के पार पहुँचा

भारत में अब तक 180 करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। अब तक 12 से 14 साल के 8 लाख से अधिक बच्चों को कोरोना का टीका लगाया गया है। जबकि 15 से 18 वर्ष के 5 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका

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Vincov-19 : कोविड के लिए भारत की पहली स्वदेशी दवाई

उत्कृष्ट परिणामों का प्रदर्शन करने वाले नैदानिक ​​​​परीक्षणों (clinical trials) के पूरा होने के साथ,  Vincov-19 नामक COVID-19 के इलाज के लिए पहली स्वदेशी दवा जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है। मुख्य बिंदु  CSIR-Centre for Cellular & Molecular Biology (CCMB), VINS Bioproducts, और हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) ने ‘Vincov-19’ दवा बनाने के

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भारत ने किरिबाती को कोविड सहायता भेजी

13 फरवरी, 2022 को भारत ने किरिबाती को चिकित्सा आपूर्ति की, इससे पहले किरिबाती ने COVID-19 के पहले प्रकोप से निपटने के लिए मदद मांगी थी। मुख्य बिंदु विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस खेप में आपातकालीन कोविड -19 दवा, पल्स ऑक्सीमीटर और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट शामिल थे। किरिबाती को चिकित्सा आपूर्ति प्रशांत

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नियोकोव कोरोनावायरस (NeoCov Coronavirus) क्या है?

चीनी शोधकर्ताओं के अनुसार, एक प्रकार का कोरोनावायरस जिसे NeoCov कहा जाता है, जो दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों के बीच फैलता है, अगर भविष्य में यह आगे भी बदलता (mutate) है तो यह मनुष्यों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। मुख्य बिंदु  इस अध्ययन को प्रीप्रिंट रिपॉजिटरी BioRxiv पर पोस्ट किया गया था। हालांकि,

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