Current Affairs in Hindi

पीएम मोदी मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखे पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून, 2021 को संयुक्त राष्ट्र में मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखा पर एक उच्च स्तरीय आभासी सम्मेलन को संबोधित करने जा रही हैं ।

मुख्य बिंदु

  • यह सम्मेलन महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर (Volkan Bozkir) द्वारा आयोजित किया जाएगा।
  • पीएम मोदी 2019 में नई दिल्ली में Conference of the Parties to United Nations Convention to Combat Desertification के 14वें सत्र के अध्यक्ष थे, जिसमें मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखे से निपटने के लिए ग्रामीण और शहरी समुदायों में संक्रमण को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) को अपनाया गया था।
  • इस वर्ष के सत्र के दौरान, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और नागरिक समाज समूहों के प्रतिनिधि भूमि क्षरण (land degradation) से लड़ने में हुई प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से सम्मेलन को संबोधित करेंगे।वे स्वस्थ भूमि को पुनर्जीवित करने और बहाल करने के वैश्विक प्रयासों पर भी आगे का रास्ता तय करेंगे।

भूमि क्षरण चिंता का कारण क्यों है?

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दुनिया भर में पृथ्वी के भूमि क्षेत्र का पांचवां हिस्सा (2 अरब हेक्टेयर से अधिक) अवक्रमित (degraded) है। इसमें कुल कृषि भूमि के आधे से अधिक शामिल हैं। यदि इस गति से भूमि क्षरण जारी रहा और हम मिट्टी का प्रबंधन करने के तरीके में बदलाव नहीं करते हैं, तो 2050 तक 90% से अधिक भूमि खराब हो जाएगी। यह ग्रह के भूमि क्षेत्र के पांचवें हिस्से और 3.2 अरब लोगों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। भूमि क्षरण भी जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के नुकसान को तेज करता है और सूखे, जंगल की आग, अनैच्छिक प्रवास और जूनोटिक संक्रामक रोगों के उद्भव में योगदान देता है। इस प्रकार, जागरूकता बढ़ाने और निवारक उपायों को शुरू करने के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण हो जाता है।

Month:

नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) बने इजरायल के नए प्रधानमंत्री

नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) ने हाल ही में इजराइल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। नफ्ताली बेनेट ने सबसे कम अंतर 60-59 मतों के साथ विश्वास मत जीता। उनकी इस जीत ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 12 साल के शासन को समाप्त कर दिया। बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नेता है।

मुख्य बिंदु

नफ्ताली बेनेट इजरायल पूर्व रक्षा मंत्री हैं। वे दक्षिणपंथी यामिना पार्टी (Yamina Party) के नेता हैं। उन्होंने इजरायल की संसद नेसेट में 60-59 वोटों से विश्व मत हासिल किया। वे अब इजरायल के 13वें प्रधानमंत्री बने गये हैं।

सत्ता-साझाकरण सौदे के हिस्से के रूप में नफ्ताली बेनेट सितंबर, 2023 तक प्रधान मंत्री रहेंगे। इसके बाद वह अगले दो साल के लिए यायर लैपिड (Yair Lapid) को सत्ता सौंपेंगे। बेंजामिन नेतन्याहू दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे और विपक्ष के नेता बनेंगे।

नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett)

नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) एक इसरायली राजनेता हैं, वे वर्तमान में इजराइल के 13वें प्रधानमंत्री हैं। इसे पहले उन्होंने कई मंत्री पदों पर कार्य किया है। वे 2013-15 तक अर्थव्यवस्था मंत्री, 2013-19 तक प्रवासी मंत्री, 2015-19 तक शिक्षा मंत्री और 2019-20 के दौरान रक्षा मंत्री रहे। वे अपने करियर के दौरान अलग-अलग दलों से जुड़े हुए रहे हैं। 2013-18 तक वे ‘द ज्यूइश होम’, 2018-19 के दौरान ‘न्यू राईट’, 2019 में यामिना, 2019-20 के दौरान ‘न्यू राईट’ और 2020 में ‘यामिना’ के साथ जुड़े रहे।

Month:

भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन (Megha Rajagopalan) ने जीता पुलित्ज़र पुरस्कार 2021

हाल ही में भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन, एलिसन किलिंग और क्रिस ब्रुशेक ने पुलित्ज़र पुरस्कार 2021 जीता। उन्हें यह पुरस्कार चीन के शिन्झियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के लिए बनाये गये डिटेंशन कैम्पस की जानकारी दुनिया तक पहुंचाने के  लिए यह पुरस्कार दिया गया है।

चीन में उइगरों की स्थिति

चीन ने शिनजियांग प्रांत में उइगर और अन्य तुर्क मुसलमानों को नियंत्रित करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। इसके लिए चीन ने कई प्रकार के कार्यक्रम शुरू किये हैं, इसमें महिलाओं की नसबंदी, शिविरों में बड़े पैमाने पर इंटर्नशिप, ज़बरन श्रम कार्यक्रम, व्यापक तकनीकी और मानव निगरानी इत्यादि शामिल हैं। हालांकि, चीन इन सभी आरोपों को खारिज करता है। चीन का तर्क है कि ये शिविर व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र हैं जो धार्मिक अतिवाद का मुकाबला करने के लिए आवश्यक हैं।

पुलित्ज़र पुरस्कार (Pulitzer Prize)

पुलित्ज़र पुरस्कार अमेरिका में अख़बार, मैगज़ीन, ऑनलाइन पत्रकारिता, साहित्य और संगीत के लिए दिया जाता है। इसकी स्थपाना 1917 में की गयी थी। यह पुरस्कार 21 श्रेणियों में दिया जाता है। प्रत्येक विजेता को एक प्रमाण पत्र और 15,000 डॉलर इनामस्वरुप दिए जाते हैं। इस पुरस्कार का नाम जोसफ पुलित्ज़र के नाम पर रखा गया है, वे एक अमेरिकी समाचार प्रकाशक थे।

Month:

RBI ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा नियमों (RBIA) के दायरे में लाया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति रखने वाली सभी जमा लेने वाली और जमा न करने वाली HFC (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां) को जोखिम-आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा (Risk-based Internal Audit – RBIA) नियमों के दायरे में लाया है। ये नियम 30 जून, 2022 से प्रभावी होंगे।

मुख्य बिंदु

इससे पहले 3 फरवरी को RBI ने इन नियमों को अन्य संस्थाओं पर भी लागू किया था। आंतरिक लेखा परीक्षा नियमों (internal audit rules) को HFC तक बढ़ाए जाने के बाद, HFC के शेयर की कीमतों में गिरावट आई है।

नए नियम क्या हैं?

  • बैंकों और NBFCs में वित्तीय नियमितता और शासन के मुद्दों के बढ़ते मामलों के संबंध में RBI के नए दिशानिर्देश महत्वपूर्ण हैं।
  • यह RBIA, NBFCs और संबंधित UCBs के लिए योजना तैयार करने की जिम्मेदारी के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की समिति के गठन के लिए आंतरिक लेखा परीक्षा (internal audit) की मौजूदा प्रणाली से सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करेगा।
  • NBFCs और UCBs के बोर्ड मुख्य रूप से अपने आंतरिक लेखा परीक्षा कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।

जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा (Risk-based Internal Audit – RBIA)

RBIA एक आंतरिक कार्यप्रणाली है, जो मुख्य रूप से गतिविधियों या प्रणाली से जुड़े अंतर्निहित जोखिम पर केंद्रित है। यह परिभाषित जोखिम क्षमता स्तर के भीतर जोखिम के प्रबंधन के संबंध में आश्वासन प्रदान करती है। यह एक जोखिम प्रबंधन ढांचा है जो हर स्तर पर जोखिम के प्रबंधन के लिए प्रबंधन और निदेशक मंडल की जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने का प्रयास करता है।

Month:

स्कूल न जाने वाले बच्चों (out-of-school children) का डाटा एकत्रित करेगा केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय

शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल न जाने वाले बच्चों (out-of-school children) के डाटा को संकलित (compile) करने के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से तिमाही प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने को भी कहा है।

मॉड्यूल के बारे में

  • इस ऑनलाइन मॉड्यूल के तहत, स्कूल न जाने वाले बच्चों के डाटा को‘समग्र शिक्षा अभियान’ (Samagra Shiksha Abhiyan) के विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के साथ मैप किया जाना चाहिए।
  • इन डाटा सेट के संकलन से उन बच्चों को स्कूल में वापस लाने में मदद मिलेगी।इस प्रकार, यह मॉड्यूल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य फोकस के अनुरूप है।
  • प्रखंड संसाधन समन्वयक (Block Resource Coordinator) के अंतर्गत सभी चिन्हित विद्यालय न जाने वाले बच्चों की सूचना प्रखंड स्तर पर अपलोड की जायेगी।
  • तिमाही प्रगति रिपोर्ट और उपयोगकर्ता पुस्तिका (user manual) को पोर्टल पर साझा किया जाएगा।

यह मॉड्यूल क्यों विकसित किया गया?

इस मॉड्यूल को विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के विचार के मुताबिक विकसित किया गया था कि, लाखों छात्र कोविड -19 महामारी के बीच स्कूलों से बाहर हो गए क्योंकि शैक्षणिक संस्थान खुले नहीं हैं और ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन (Reverse Migration) ने भी स्थिति को खराब कर दिया है।

समग्र शिक्षा (Samagra Shiksha)

यह स्कूली शिक्षा के लिए एक एकीकृत योजना है जो पूर्व-विद्यालय से 12वीं कक्षा तक फैली हुई है। यह स्कूल में सभी स्तरों पर समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करती है। यह योजना सर्व शिक्षा अभियान (Sarva Shiksha Abhiyan – SSA), शिक्षक शिक्षा (Teacher Education – TE) और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan – RMSA) को मिलाकर शुरू की गई थी।

 

Month:

न्यू अटलांटिक चार्टर (New Atlantic Charter) क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने हाल ही में कॉर्नवाल में बैठक की और अटलांटिक चार्टर से संबंधित दस्तावेजों का निरीक्षण किया और “न्यू अटलांटिक चार्टर” (New Atlantic Charter) नामक एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

न्यू अटलांटिक चार्टर (New Atlantic Charter) क्या है?

न्यू अटलांटिक चार्टर नामक एक समझौते पर 10 जून, 2021 को बोरिस जॉनसन और जो बाईडेन के बीच हस्ताक्षर किए गए। यह 1941 के अटलांटिक चार्टर का एक नया संस्करण है। पश्चिमी गठबंधन को फिर से परिभाषित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

न्यू अटलांटिक चार्टर के उद्देश्य

लोकतंत्र के सिद्धांतों और संस्थानों की रक्षा करने और संस्थानों को मजबूत और अनुकूलित करने के उद्देश्य से न्यू अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह चार्टर संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों पर एकजुट करने का प्रयास करता है। यह साइबर खतरों के खिलाफ भी सामूहिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करेगा। यह सभी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता देता है।

अटलांटिक चार्टर (Atlantic Charter) क्या है?

अटलांटिक चार्टर ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल (Winston Churchill) और अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट (Franklin D. Roosevelt) द्वारा अगस्त, 1941 में हस्ताक्षरित एक घोषणा है। यह चार्टर मुक्त व्यापार, निरस्त्रीकरण और सभी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार जैसे सामान्य लक्ष्य निर्धारित करता है। इसे अक्सर ट्रांस-अटलांटिक विशेष संबंधों की आधारशिला (cornerstone of trans-Atlantic special relationship) कहा जाता है। इस चार्टर ने ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त कर दिया और नाटो और टैरिफ एंड ट्रेड पर सामान्य समझौता (General Agreement on Tariffs and Trade – GATT) का गठन किया।

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