IN-SPACe

इसरो प्राकृतिक आपदा निगरानी के लिए एक उपग्रह लॉन्च करेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक उपग्रह लॉन्च करने की योजना बनाई है जिसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के लिए किया जाएगा। प्रमुख बिंदु यह उपग्रह एक जियो-इमेजिंग उपग्रह, EOS-3 होगा, जो विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, बाढ़ आदि की वास्तविक समय में निगरानी करने में सक्षम होगा। इसे साल 2021-22 में लॉन्च

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केंद्र सरकार ने भारतीय निजी कंपनियों को रॉकेट लॉन्च साइट बनाने और संचालित करने की अनुमति दी

केंद्र सरकार ने निजी कंपनियों को देश के भीतर और बाहर रॉकेट लॉन्च साइट स्थापित करने और संचालित करने की अनुमति दी है। हालांकि, इसके लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। मुख्य बिंदु मसौदा राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति-2020 (Draft National Space Transportation Policy-2020) कोअंतरिक्ष विभाग द्वारा पेश किया गया था, IN-SPACe समग्र अनुमोदन के

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ISRO ने ब्राज़ील के Amazonia-1 उपग्रह को लांच किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के PSLV-C 51 या अमेजोनिया-1 मिशन को लांच किया। अमेजोनिया-1 ब्राज़ील का उपग्रह है। मुख्य बिंदु PSLV-C51 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC) से लॉन्च किया गया। इसे अंतरिक्ष केंद्र से 28 फरवरी, 2021 को लॉन्च किया गया। यहइसरो का 53वां पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मिशन है। इस

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ISRO का PSLV-C51 / Amazonia-1 Mission : मुख्य बिंदु

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के PSLV-C 51 या अमेजोनिया-1 मिशन के लांच के लिए काउंट-डाउन 7 फरवरी, 2021 को शुरू हुआ। यह काउंट-डाउन 8:54 बजे शुरू हुआ। मुख्य बिंदु PSLV-C51 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC) से लॉन्च किया जायेगा। इसे अंतरिक्ष केंद्र से 28 फरवरी, 2021 को रात 10:24

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राकेट बनाने में अग्निकुल कॉसमॉस की सहायता करेगा इसरो

निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, चेन्नई स्थित रॉकेट स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस की मदद करेगा। यह कंपनी को अपने छोटे रॉकेट का परीक्षण करने में मदद करेगा, यह राकेट 100 किलोग्राम के उपग्रह को निम्न पृथ्वी की कक्षा में ले जा सकता है। अग्निकुल कॉसमॉस एक निजी अन्तरिक्ष कंपनी है, इसकी

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