ISRO

गगनयान के लिए क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 12 जनवरी, 2022 को गगनयान कार्यक्रम के लिए क्रायोजेनिक इंजन की योग्यता परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की। मुख्य बिंदु यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 720 सेकंड के लिए किया गया था। 1810 सेकंड की संचयी अवधि के लिए इस इंजन का चार बार और परीक्षण

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डॉ. एस. सोमनाथ होंगे इसरो के नए चेयरमैन

डॉ. एस. सोमनाथ इसरो के नए अध्यक्ष होंगे। वे के. सिवन का स्थान लेंगे। वह इसरो में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले चौथे केरलवासी हैं। पिछले केरलवासी के. राधाकृष्णन, माधवन नायर और के. कस्तूरीरंगन थे। के. सिवन और उनका विस्तार सोमनाथ को 2019 में नामांकित किया गया था। उन्हें उनकी वरिष्ठता के आधार पर नामांकित

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इसरो (ISRO) निजी भागीदारी के साथ एक SSLV विकसित कर रहा है

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) निजी भागीदारी के साथ एक Small Satellite Launch Vehicle (SSLV) विकसित करने की प्रक्रिया में है। इस उपग्रह को 2022 की पहली तिमाही में लॉन्च किया जाएगा। मुख्य बिंदु यह SSLV 500 किलोमीटर की कक्षा में 500 किलोग्राम की पेलोड क्षमता प्रदान करेगा। इस

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MyGov India ने प्लेनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज (Planetarium Innovation Challenge) लॉन्च किया

MyGov India ने भारतीय स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमियों के लिए “प्लैनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज” (Planetarium Innovation Challenge) लॉन्च किया है। मुख्य बिंदु  इस प्लैनेटेरियम चैलेंज को भारत से बाहर स्थित टेक फर्मों और स्टार्ट-अप्स को एक साथ लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, जिसमें एक स्वदेशी प्लैनेटेरियम प्रणाली सॉफ्टवेयर बनाने की क्षमता है। यह

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इसरो पुन: प्रयोज्य (reusable) GSLV Mk-III लॉन्च व्हीकल विकसित करेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) पुन: प्रयोज्य (reusable) GSLV Mk-III लॉन्च वाहन विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहा है। मुख्य बिंदु यह नई तकनीक ISRO को अपने GSLV Mk-III लॉन्च वाहनों को लंबवत रूप से उतारने (vertical landing) में मदद करेगी। इस तकनीक के साथ, इसरो लांच व्हीकल के पहले और दूसरे

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इसरो ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर डेटा का विश्लेषण करने के लिए प्रस्ताव मांगे

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक “Announcement of Opportunity” लेकर आया है, जिसके तहत वह चंद्रयान -2 ऑर्बिटर के सभी प्रयोगों के डेटा का वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण और उपयोग करने के लिए प्रस्ताव मांगे गये हैं। मुख्य बिंदु  “Announcement of Opportunity” मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संगठनों के सभी शोधकर्ताओं के

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