Maharashtra

महाराष्ट्र सरकार ने कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 5,476 करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की

हाल ही में महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 5,476 करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की है। गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र में कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की गयी है। यह प्रतिबन्ध 1 मई, 2021 तक लागू रहेंगे।

मुख्य बिंदु

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, ऑटोरिक्शा चालकों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, 12 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिक और 25,000 घरेलू मददगार को भी सहायता दी जाएगी।

इसके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घोषणा की कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जायेगा और इसके लिए 3300 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

Month:

महाराष्ट्र सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए योजना लांच की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक योजना लांच की है।

मुख्य बिंदु

  • इसके अलावा, सरकार ने मुंबई में कौशल विकास के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
  • इसके अलावा, आईटीआई में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रमों भी समयबद्ध तरीके से अपडेट किया जा रहा है।
  • हाल ही में, नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में महाराष्ट्र को दूसरा स्थान दिया गया था।

योजना के बारे में

  • यह योजना आईटी पेटेंट के लिए फाइल करने के लिए स्टार्ट-अप को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लांच की गई है।
  • इस योजना के पहले चरण के तहत, लगभग 125-150 स्टार्ट-अप्स को 2 लाख रुपये से 10 लाख तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।
  • स्टार्ट-अप के विचारों के लिए गुणवत्ता परीक्षण और प्रमाणन के लिए 2 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • यह योजना कौशल विकास और स्टार्ट-अप में राज्य को नंबर एक बनाने में मदद करेगी।

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020

सरकार के थिंक-टैंक नीति आयोग ने हाल ही में इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 का दूसरा संस्करण जारी किया है। इसका पहला संस्करण 2019 में लॉन्च किया गया था। यह सूचकांक देश को नवाचार-चालित अर्थव्यवस्था में बदलने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह सूचकांक भारत में 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में नवाचार माहौल के मूल्यांकन के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करने का प्रयास करता है। कर्नाटक 42.5 के स्कोर के साथ इस सूचकांक में शीर्ष पर रहा। इस सूचकांक में, चार दक्षिणी राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल ने सूचकांक में शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया है, जबकि महाराष्ट्र राज्य को दूसरा स्थान दिया गया है।

सूचकांक का महत्व

यह सूचकांक भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने में मदद करता है। यह सूचकांक एक समग्र उपकरण बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है जिसे नीति निर्माताओं द्वारा उन चुनौतियों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता है।

Month:

 9 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गयी

11 जनवरी को दिल्ली और महाराष्ट्र ने बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रकोप की पुष्टि कर दी है। इसके बाद, अब देश में 9 राज्य बर्ड फ्लू से प्रभावित हो चुके हैं।

मुख्य बिंदु

दिल्ली और महाराष्ट्र से पहले मध्य प्रदेश, केरल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, 8 नमूने दिल्ली से जांच के लिए भेजे गए थे और उनमें से सभी 8 को एवियन इन्फ्लूएंजा से संक्रमित पाया गया है।

महाराष्ट्र के परभनी जिले के मुरुम्बा गांव में 800 मुर्गियां मृत पायी गयी थीं। इसके बाद, मृत मुर्गियों के नमूनों को जांच के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला में भेजा गया। जिसके बाद महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गयी।

एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू क्या है?

यह एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो इन्फ्लुएंजा टाइप ए वायरस के कारण होती है। यह आमतौर पर टर्की और मुर्गियों जैसे पोल्ट्री पक्षियों को प्रभावित करती है। इन्फ्लुएंजा टाइप ए वायरस कई प्रकार के होते हैं। कुछ वायरस कम अंडे के उत्पादन का कारण बन सकते हैं।

बर्ड फ्लू ने मनुष्यों को संक्रमित करना कब शुरू किया?

मनुष्य पहली बार 1997 में बर्ड फ्लू से संक्रमित पाए गये थे। H5N1 स्ट्रेन मनुष्यों को संक्रमित करने वाला पहला इन्फ्लुएंजा वायरस था।  विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, H5N1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि वायरस ठीक से पकाये गए मुर्गे के माध्यम से फैल सकता है। वायरस गर्मी के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है और खाना पकाने के तापमान में मर जाता है।

Month:

Advertisement