MSME

विश्व बैंक ने भारत के MSME सेक्टर की मदद के लिए 500 मिलियन डालर के कार्यक्रम को मंजूरी दी

हाल ही में विश्व बैंक ने भारत के MSME सेक्टर को बढ़ावा देने में मदद के लिए 500 मिलियन डालर के कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 5,50,000 MSME के प्रदर्शन में सुधार का है।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है कि भारत में लगभग 58 मिलियन MSMEs में से 40 प्रतिशत से अधिक के पास वित्त के औपचारिक स्रोतों तक पहुंच नहीं है।चूंकि सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 30% और निर्यात में 40% का योगदान देता है।

इससे पहले विश्व बैंक ने जुलाई, 2020 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के लिए 750 मिलियन की सहायता प्रदान की थी।

विश्व बैंक

विश्व बैंक का मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। इसकी स्थापना जुलाई 1945 को हुई थी। विश्व बैंक ऋण देने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को एक व्यापक विश्व अर्थव्यवस्था में शामिल करना और विकासशील देशों में ग़रीबी उन्मूलन के प्रयास करना है। इसके कुल 189 सदस्य देश हैं। इसका आदर्श वाक्य “निर्धनता मुक्त विश्व के लिए कार्य करना” है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को भुगतान की समीक्षा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को भुगतान के बारे में स्थिति की समीक्षा की और एमएसएमई मंत्रालय द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष और प्रशंसा व्यक्त की। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के भाग के रूप में, वित्त मंत्री ने इस वर्ष मई में आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इसमें कहा गया था कि एमएसएमई का बकाया 45 दिनों में अदा किया जाना चाहिए।

मुख्य बिंदु

मई के महीने से, सरकार द्वारा नियमित रूप से प्रयास किए गए हैं, विशेषकर एमएसएमई मंत्रालय द्वारा इन बकाया के भुगतान के लिए। एमएसएमई को देय राशि के भुगतान के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और केंद्र सरकार की एजेंसियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, केंद्र सरकार की एजेंसियों और CPSE द्वारा मई से पिछले 7 महीनों में MSME की बकाया राशि का 21,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
खरीद का उच्चतम स्तर अक्टूबर में 5100 करोड़ रुपये से अधिक था और इस दौरान 4100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था।

आत्मनिर्भर भारत

12 मई, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “आत्म निर्भर भारत अभियान” की थी। इसके तहत 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत, भारत सरकार प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन करेगी और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए उपायों को प्राप्त करने में भी मदद करेगी। यह आर्थिक पैकेज जीडीपी का 10% है।

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