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कर्नाटक: नाबार्ड और एसबीआई ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

कर्नाटक में नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय और भारतीय स्टेट बैंक ने वाटरशेड विकास और आदिवासी विकास परियोजनाओं के लाभार्थियों को रियायती पुनर्वित्त सुविधा का विस्तार करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। नाबार्ड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नीरज कुमार वर्मा और भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक अभिजीत मजूमदार ने बेंगलुरु में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु

इस एमओयू का लक्ष्य 28 जिलों में 260 किसान उत्पादक संगठनों के 45,000 लोगों को लाभान्वित करना है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त देयता समूहों (Joint Liability Groups) के 8500 लाभार्थियों को भी कवर किया जाएगा।

यह एमओयू एसबीआई को स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल बनाने और राज्य भर में ई-शक्ति पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के लिए एक कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करने में सक्षम करेगा। SBI की ग्रामीण और अर्ध-शहरी शाखाएं 50 संयुक्त देयता समूह और स्वयं सहायता समूह को प्रतिवर्ष वित्त प्रदान करेंगी।

राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड)

नाबार्ड बैंक भारत के अग्रणी विकास बैंकों में से एक है। इसकी स्थापना 12 जुलाई, 1982 को की गयी थी, इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित हैं। यह बैंक मुख्य रूप से कृषि वित्त/ऋण सम्बन्धी कार्य करता है। नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तथा आर्थिक उन्नति के लिए ऋण की व्यवस्था करवाता है।

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