Narendra Modi

आज से शुरू होगा भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2020

आज भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (India International Science Festival-IISF) 2020 का शुभारम्भ होगा। गौरतलब है कि इस उत्सव का आयोजन वर्चुअल प्लेटफार्म पर किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे और इस दौरान वे एक भाषण भी देंगे। इस महोत्सव का समापन 25 दिसम्बर को होगा, समापन समारोह को उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू संबोधित करेंगे।

थीम : आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान

मुख्य बिंदु

दरअसल 22 दिसम्बर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म दिवस है, इस दिन से भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव की शुरुआत होगी। इस महोत्सव का समापन 25 दिसम्बर को होगा, 25 दिसम्बर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिवस है।

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (India International Science Festival)

यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए एक उत्सव है। यह बताता है कि विज्ञान किस तरह से कम समय में भारत को विकास की ओर ले जा सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विज्ञान भारती के साथ मिलकर उत्सुकता को प्रेरित करने और सीखने को और अधिक फायदेमंद बनाने के लिए एक अनूठा मंच बनाया है।

महत्व

किसी भी देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को व्यक्त करने के लिए विज्ञान उत्सव और प्रचार कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। यह आविष्कारकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नागरिकों और छात्रों के साथ निकटता से बातचीत करने का मौका प्रदान करता है।

Month:

पीएम मोदी अपने वियतनामी समकक्ष के साथ वर्चुअल समिट में भाग लेंगे

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वियतनामी समकक्ष गुयेन जुआन फुक के साथ आभासी शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता व्यापक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे भारत-वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर भी चर्चा करेंगे।

मुख्य बिंदु

वर्ष 2020 में, दोनों देशों ने उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान जारी रखा है। वियतनाम की उप-राष्ट्रपति डांग थी न्गोक थिन्ह ने इस वर्ष फरवरी में भारत की यात्रा की थी। COVID-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस वर्ष 13 अप्रैल को टेलीफोन पर बातचीत की थी। 25 अगस्त, 2020 दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की संयुक्त अध्यक्षता वाले संयुक्त आयोग की बैठक का 17वां संस्करण आयोजित किया गया था। इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने पिछले महीने अपने विएतनामी समकक्ष के साथ एक ऑनलाइन बैठक में भाग लिया था।

भारत पिछले कुछ समय से पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को मज़बूत कर रहा है, यह भारत की एक्ट ईस्ट पालिसी का हिस्सा है।

भारत-आसियान

इस शिखर सम्मेलन के दौरान, भारत और आसियान “आसियान-भारत योजना (2021-2025)” को अपनाएंगे। आसियान के दस सदस्यों में इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, ब्रुनेई, लाओस, कंबोडिया, म्यांमार शामिल हैं।

भारत के लिए आसियान क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत को वायु, भूमि और पानी के माध्यम से आसियान देशों के साथ अपने व्यापार और कनेक्टिविटी का निर्माण करके पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास करना है। यह भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मुख्य केंद्र बिंदु है। आसियान के साथ अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए भारत ने म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों के साथ अपने संपर्क बढ़ाए हैं। भारत ने 1,400 किलोमीटर त्रिपक्षीय राजमार्ग बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जो भारत, म्यांमार और थाईलैंड को जोड़ेगा। कालादान मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है। यह परियोजना मिज़ोरम राज्य के साथ सितवे पोर्ट को जोड़ेगी।  नई दिल्ली और हनोई को जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। आसियान के साथ भारत का समग्र व्यापार देश के समग्र व्यापार का 10.6% है।

Month:

पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भाग लिया

11 दिसम्बर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोएव के बीच एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की। इसके अलावा दोनों देशों के नेताओं ने COVID-19 काल के बाद भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मज़बूत करने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

मुख्य बिंदु

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में अधोसंरचना, आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि के क्षेत्र में अपार क्षमता है जो कि उज्बेकिस्तान के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के साथ विकास के लिए भागीदारी को और आगे बढ़ाने का इच्छुक है। शावकत मिर्ज़ियोएव ने COVID-19 महामारी के दौरान भारत की सहायता के लिए भारत का आभार प्रकट किया।

2015 और 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की यात्रा और 2018 और 2019 में राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव की भारत ने रणनीतिक साझेदारी को एक नया गतिशीलता प्रदान की है। पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय वार्ताएं हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के सम्बन्ध प्रगाढ़ हुए हैं।

भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार सम्बन्ध

  • भारत उज्बेकिस्तान को फार्मास्यूटिकल उत्पाद, मैकेनिकल उपकरण, वाहन, ऑप्टिकल उपकरण इत्यादि का निर्यात करता है।
  • भारत मध्य एशियाई देशों से फल व सब्जी उत्पाद, उर्वरक, लुब्रिकेंट्स इत्यादि का आयात करता है।
  • उज्बेकिस्तान के अंदिजन क्षेत्र में उज्बेक-भारत मुक्त फार्मास्यूटिकल जोन का निर्माण किया जा रहा है। यह किर्गिजस्तान के साथ लगता है। इसका उद्देश्य फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है।

 

Month:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को भुगतान की समीक्षा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को भुगतान के बारे में स्थिति की समीक्षा की और एमएसएमई मंत्रालय द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष और प्रशंसा व्यक्त की। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के भाग के रूप में, वित्त मंत्री ने इस वर्ष मई में आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इसमें कहा गया था कि एमएसएमई का बकाया 45 दिनों में अदा किया जाना चाहिए।

मुख्य बिंदु

मई के महीने से, सरकार द्वारा नियमित रूप से प्रयास किए गए हैं, विशेषकर एमएसएमई मंत्रालय द्वारा इन बकाया के भुगतान के लिए। एमएसएमई को देय राशि के भुगतान के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और केंद्र सरकार की एजेंसियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, केंद्र सरकार की एजेंसियों और CPSE द्वारा मई से पिछले 7 महीनों में MSME की बकाया राशि का 21,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
खरीद का उच्चतम स्तर अक्टूबर में 5100 करोड़ रुपये से अधिक था और इस दौरान 4100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था।

आत्मनिर्भर भारत

12 मई, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “आत्म निर्भर भारत अभियान” की थी। इसके तहत 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत, भारत सरकार प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन करेगी और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए उपायों को प्राप्त करने में भी मदद करेगी। यह आर्थिक पैकेज जीडीपी का 10% है।

Month:

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोएव के बीच 11 दिसम्बर, 2020 को एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों की सरकारों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते किये जा सकते हैं।

मुख्य बिंदु

यह भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पहला द्विपक्षीय ‘वर्चुअल समिट’ होगा। इस दौरान दोनों नेता कोविड-19 के बाद की दुनिया में भारत-उजबेकिस्तान सहयोग को मजबूत करने सहित द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम पर चर्चा करेंगे। वे पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
2015 और 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की यात्रा और 2018 और 2019 में राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव की भारत ने रणनीतिक साझेदारी को एक नया गतिशीलता प्रदान की है। पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय वार्ताएं हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के सम्बन्ध प्रगाढ़ हुए हैं।

भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार सम्बन्ध

  • भारत उज्बेकिस्तान को फार्मास्यूटिकल उत्पाद, मैकेनिकल उपकरण, वाहन, ऑप्टिकल उपकरण इत्यादि का निर्यात करता है।
  • भारत मध्य एशियाई देशों से फल व सब्जी उत्पाद, उर्वरक, लुब्रिकेंट्स इत्यादि का आयात करता है।
  • उज्बेकिस्तान के अंदिजन क्षेत्र में उज्बेक-भारत मुक्त फार्मास्यूटिकल जोन का निर्माण किया जा रहा है। यह किर्गिजस्तान के साथ लगता है। इसका उद्देश्य फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है।
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    पीएम मोदी ने किया इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन

    इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस का आयोजन वर्चुअली किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नने 8 दिसंबर, 2020 को चौथी  इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन किया। यह शिखर सम्मेलन 10 दिसंबर, 2020 को समाप्त होगा।

    थीम : Inclusive Innovation – Smart, Secure and Sustainable

    मुख्य बिंदु

    इस सम्मेलन का आयोजन वर्चुअली किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन की पुष्टि सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (COAI) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एस.पी. कोचर ने की है। गौरतलब है कि इसमें मुकेश अंबानी, सुनील भारती मित्तल, दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद, संचार राज्य मंत्री और आईटी संजय धोत्रे जैसे दिग्गज शामिल होंगे। इस सम्मेलन में 200 से अधिक प्रवक्ता भाग लेंगे और अपने विचार व्यक्त करेंगे। पिछले वर्ष का इंडिया मोबाइल कांग्रेस का संस्करण काफी सफल रहा था, उस संस्करण में 75,000 विजिटर्स ने भाग लिया था।

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC)

    यह भारत और दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम है। इस फोरम में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी शामिल है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस को को “दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी फोरम” माना जाता है।

    इस इवेंट का आयोजन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (COAI) और दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। इस फोरम के माध्यम से डिजिटल टेक्नोलॉजी के सभी हितधारक  एक मंच पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श कर सकते हैं।

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