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इसरो ने चंद्रयान -2 मिशन का शुरुआती डाटा जारी किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने हाल ही में चंद्रयान-2 से डाटा का पहला सेट जारी किया। यह डाटा प्लैनेटरी डेटा सिस्टम (संस्करण 4) द्वारा तैयार किया गया था। पहला डाटा सेट PRADAN पोर्टल के माध्यम से जारी किया गया था। PRADAN पोर्टल ISSDC (इंडियन स्पेस साइंस डेटा सेंटर) द्वारा होस्ट किया जाता है।

चंद्रयान -2

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई, 2019 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत चंद्र सतह के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम को लैंड करने की योजना थी। दुर्भाग्य से, विक्रम लैंडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और लैंडिंग करने में विफल रहा। हालाँकि, ऑर्बिटर सफलतापूर्वक चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित किया गया है और यह ऑर्बिटर चन्द्रमा से विभिन्न प्रकार की जानकारी इसरो को भेजता रहेगा।

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा सेंटर

इसरो द्वारा 2008 में इस केंद्र की स्थापना की गई थी। यह पेलोड डेटा के अंतर्ग्रहण, संग्रह, प्रसंस्करण, प्रसार और अंतरिक्ष मिशनों से संबंधित डाटा के लिए भी जिम्मेदार है। इसने चंद्रयान -1, मार्स ऑर्बिटर मिशन, एस्ट्रोसैट, यूथसैट का सपोर्ट किया है। यह बैंगलोर में भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क में स्थित है।

इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (Indian Deep Space Network)

इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क भारत द्वारा शुरू किए गए इंटरप्लेनेटरी मिशनों का समर्थन करने के लिए बड़ी संचार सुविधाओं और एंटेना का एक नेटवर्क है। इसी तरह के डीप स्पेस नेटवर्क बहुत कम देशों जैसे अमेरिका, रूस, चीन, जापान और यूरोपीय स्पेस एजेंसी द्वारा चलाए जाते हैं। इसमें ISRO नेविगेशन सेंटर (INC) भी है। भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) की सहायता के लिए INC को लांच किया गया था। IRNSS को NavIC (Navigation with Indian Constellation) भी कहा जाता है। यह क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली है जो रियल टाइम पोजीशनिंग की जानकारी प्रदान करती है।

भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क में ISRO टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) शामिल हैं।

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