PM Modi

बोरिस जॉनसन पीएम मोदी को G7 समिट 2021 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया

हाल ही में  यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 2021 में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है।

मुख्य बिंदु

इससे पहले बोरिस जॉनसन गणतंत्र दिवस 2021 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने वाले थे, लेकिन यूके में कोविड-19 के बिगड़ते हालात के कारण उन्होंने अपनी यात्रा को स्थगित कर दिया है। हालांकि बोरिस जॉनसन ने स्पष्ट किया है कि वे G7 शिखर सम्मेलन से पहले भारत की यात्रा पर आयेंगे।

G7 शिखर सम्मेलन 2021  को ‘D10’ कहा जा रहा है। D10 दस लोकतांत्रिक देशों को दर्शाता है।

G7 शिखर सम्मेलन 2021

G7 समूह इस वर्ष विस्तार करने जा रहा है। G7 समूह में दुनिया भर से दस लोकतान्त्रिक देश शामिल होंगे। हालांकि, अमेरिका ने 2021 के शिखर सम्मेलन को ‘G7 + 4’ के रूप में बुलाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन यूके इस शिखर सम्मेलन को G7 + 3 के रूप में व्यवस्थित करना चाहता है और ब्रिटेन ने इसे D10 के रूप में प्रस्तावित किया है। D10 में रूस को छोड़कर दस लोकतान्त्रिक देश शामिल हैं। इस साल, ब्रिटेन ने लोकतान्त्रिक देशों का एक नया गठबंधन बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसने नए गठबंधन में भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को G7 राष्ट्रों के साथ शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

भारत-यूके सम्बन्ध

G7 2021 मेजबान, यूके, भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को गहरा करना चाहता है। ब्रिटिश विदेश सचिव ने एक मजबूत रक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए यूनाइटेड किंगडम की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। यह भारत के साथ सुरक्षा साझेदारी को भी मजबूत करना चाहता है। इस साझेदारी से दोनों देशों को हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से में आतंकवाद और गोपनीयता जैसी सामान्य चिंताओं से निपटने में मदद मिलेगी।

G-7

G7 एक अंतर सरकारी संगठन है। इसका गठन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और मौद्रिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए किया गया है। इस समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, इटली, जर्मनी और जापान शामिल हैं। इससे पहले इस समूह को G-8 कहा जाता था जिसमें रूस भी शामिल था। 2014 में क्रीमिया पर कब्ज़ा करने के बाद रूस को इस समूह से निलंबित कर दिया गया था।

Month:

प्रारम्भ – स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट : मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय युवाओं को आगे आने और ”प्रारंभ” नामक एक स्टार्टअप इंडिया अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आग्रह किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य विशेषज्ञों और युवा स्टार्टअप लीडर्स को शिक्षा, निवेश, उद्योग, बैंकिंग, वित्त जैसे मुद्दों के लिए एक मंच पर लाना है। मौजूदा सरकार स्टार्ट-अप्स के विकास पर मुख्य रूप से फोकस कर रही है।

मुख्य बिंदु

इस स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट का आयोजन 15-16 जनवरी, 2021 को किया जायेगा। ‘प्रारंभ’ की मेजबानी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह शिखर सम्मेलन जनवरी 2016 में पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्टार्टअप इंडिया” अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जायेगा। इस शिखर सम्मेलन के लिए पंजीकरण खुला है।

इसके अलावा DPIIT CII और FICCI, IFC और TiE ग्लोबल और इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) के सहयोग से 2 क्लोज्ड-डोर वर्चुअल राउंडटेबल्स की मेजबानी भी करेगा। इन राउंडटेबल्स में जापान, अमेरिका, सिंगापुर, कोरिया के प्रमुख वेंचर कैपिटल फंड्स हिस्सा लेंगे, इसके अलावा, इसमें प्रमुख भारतीय नीति निर्धारक, नियामक, मंत्रालय प्रमुख और अन्य फंड मैनेजर भी हिस्सा लेंगे। यह दो राउंडटेबल्स हैं : ग्लोबल फंड्स रेगुलेटरी राउंडटेबल और मोबिलाइजिंग डोमेस्टिक कैपिटल फॉर स्टार्टअप्स।

Month:

पीएम मोदी गुजरात के राजकोट में एम्स की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 दिसम्बर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के राजकोट में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की आधारशिला रखेंगे।

मुख्य बिंदु

इस परियोजना के लिए 201 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस एम्स का निर्माण 1195 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा। यह एम्स 2022 तक बनकर तैयार हो जायेगा। इस कैंपस का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की मिनीरत्न कंपनी HSCC लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। इस कैंपस में 9 भवनों के संभावित चित्रों को भी मंज़ूरी दी गयी है।

एम्स राजकोट

इस एम्स में 750 बेड होंगे, यह एक अत्याधुनिक अस्पताल होगा। इसमें 30 बेड का आयुष ब्लॉक भी होगा। इसमें 125 एमबीबीएस सीटें और 60 नर्सिंग सीटें होंगी। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। एम्स राजकोट में स्पेशिलिटी और सुपर-स्पेशलिटी डिपार्टमेंट भी होंगे।

गौरतलब है कि एम्स राजकोट के पहले बैच के अकादमिक सत्र का उद्घाटन 21 दिसम्बर को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया था। फिलहाल, एम्स राजकोट के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज में की गयी है। पहले बैच में 50 एमबीबीएस छात्र हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान योजना के तहत 9 करोड़ से अधिक किसानों को 18,000 करोड़ रुपये की किश्त जारी की

25 दिसम्बर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) किश्त जारी की। इसके तहत प्रत्येक किसान को 2000 रुपये प्राप्त हुए। इस किश्त का लाभ 9 करोड़ किसानों को होगा, इसके लिए 18,000 करोड़ रुपये व्यय किये गये।

मुख्य बिंदु

इस मौके पर प्रधानमंत्री विभिन्न राज्यों के किसानों के साथ बातचीन भी की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का ज़िक्र भी किया।  साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब से यह योजना शुरू हुई है, तब से लेकर अब तक कुल मिलाकर 1,10,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुँच चुके हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की इस किश्त को 25 दिसम्बर को जारी किया गया। गौरतलब है कि 25 दिसम्बर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती है, इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2022-23 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत किसानों को एक साल में 2000 रुपये की तीन किश्तों के द्वारा 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशी से छोटे व सीमान्त किसान अपने कृषि खर्च का वहन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)

इस योजना के केंद्र सरकार छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता देती है। इस योजना से सरकार खजाने से 75,000 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। इस योजना का उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिन्हें ख़राब मौसम अथवा कम कीमत के कारण नुकसान होता है। यह 6000 रुपये की राशि 2000-2000 हज़ार की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाती। इस योजना का लाभ वे किसान ले सकते हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है।

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24 दिसम्बर को विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के 100 वर्ष पूरे होंगे

24 दिसम्बर को विश्व भारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह की शुरुआत होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। इस इवेंट में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

मुख्य बिंदु

विश्व भारती विश्वविद्यालय देश का सार्वजनिक केंद्रीय विश्वविद्यालय है और इसे सबसे पुराना केंद्रीय विश्वविद्यालय माना जाता है।

इसकी स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1921 में की थी। 1951 में एक अधिनियम के द्वारा इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया गया था। यह पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में स्थित है, और इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INI) का दर्जा प्राप्त है। विश्व भारती विश्वविद्यालय को NIRF 2020 रैंकिंग की समग्र श्रेणी में 69वां स्थान प्राप्त हुआ था है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) का शताब्दी समारोह

22 दिसंबर को पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने इस आयोजन के दौरान एक डाक टिकट भी जारी किया। यह विश्वविद्यालय वर्ष 1875 में मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज के रूप में स्थापित किया गया था बाद में यह वर्ष 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में अस्तित्व में आया। NIRF 2020 में इस विश्वविद्यालय की समग्र रैंकिंग 31 है।

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आज से शुरू होगा भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2020

आज भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (India International Science Festival-IISF) 2020 का शुभारम्भ होगा। गौरतलब है कि इस उत्सव का आयोजन वर्चुअल प्लेटफार्म पर किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे और इस दौरान वे एक भाषण भी देंगे। इस महोत्सव का समापन 25 दिसम्बर को होगा, समापन समारोह को उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू संबोधित करेंगे।

थीम : आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान

मुख्य बिंदु

दरअसल 22 दिसम्बर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म दिवस है, इस दिन से भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव की शुरुआत होगी। इस महोत्सव का समापन 25 दिसम्बर को होगा, 25 दिसम्बर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिवस है।

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (India International Science Festival)

यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए एक उत्सव है। यह बताता है कि विज्ञान किस तरह से कम समय में भारत को विकास की ओर ले जा सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विज्ञान भारती के साथ मिलकर उत्सुकता को प्रेरित करने और सीखने को और अधिक फायदेमंद बनाने के लिए एक अनूठा मंच बनाया है।

महत्व

किसी भी देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को व्यक्त करने के लिए विज्ञान उत्सव और प्रचार कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। यह आविष्कारकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नागरिकों और छात्रों के साथ निकटता से बातचीत करने का मौका प्रदान करता है।

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