PM Modi

पीएम मोदी को G7 समिट 2021 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया

यूनाइटेड किंगडम के विदेश सचिव डोमिनिक राब ने 2021 में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है।

मुख्य बिंदु

15 दिसंबर, 2020 को ब्रिटेन द्वारा औपचारिक रूप से भारत को आमंत्रित किया गया। G7 शिखर सम्मेलन 2021  को ‘D10’ कहा जा रहा है। D10 दस लोकतांत्रिक देशों को दर्शाता है।

G7 शिखर सम्मेलन 2021

G7 समूह इस वर्ष विस्तार करने जा रहा है। G7 समूह में दुनिया भर से दस लोकतान्त्रिक देश शामिल होंगे। हालांकि, अमेरिका ने 2021 के शिखर सम्मेलन को ‘G7 + 4’ के रूप में बुलाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन यूके इस शिखर सम्मेलन को G7 + 3 के रूप में व्यवस्थित करना चाहता है और ब्रिटेन ने इसे D10 के रूप में प्रस्तावित किया है। D10 में रूस को छोड़कर दस लोकतान्त्रिक देश शामिल हैं। इस साल, ब्रिटेन ने लोकतान्त्रिक देशों का एक नया गठबंधन बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसने नए गठबंधन में भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को G7 राष्ट्रों के साथ शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

भारत-यूके सम्बन्ध

G7 2021 मेजबान, यूके, भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को गहरा करना चाहता है। ब्रिटिश विदेश सचिव ने एक मजबूत रक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए यूनाइटेड किंगडम की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। यह भारत के साथ सुरक्षा साझेदारी को भी मजबूत करना चाहता है। इस साझेदारी से दोनों देशों को हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से में आतंकवाद और गोपनीयता जैसी सामान्य चिंताओं से निपटने में मदद मिलेगी।

G-7

G7 एक अंतर सरकारी संगठन है। इसका गठन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और मौद्रिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए किया गया है। इस समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, इटली, जर्मनी और जापान शामिल हैं। इससे पहले इस समूह को G-8 कहा जाता था जिसमें रूस भी शामिल था। 2014 में क्रीमिया पर कब्ज़ा करने के बाद रूस को इस समूह से निलंबित कर दिया गया था।

Month:

प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे

12 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन का आयोजन पेरिस जलवायु समझौते की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है।

वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन

यह वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन  को चिली और इटली की साझेदारी में यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन क्षेत्र, शहरों, देशों, व्यवसायों और उन निवेशकों के तेजी से बढ़ते गठबंधन को उजागर करेगा जो शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यह सम्मेलन उन देशों के प्रमुख उदाहरण पेश करेगा जो दीर्घकालिक जलवायु महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए योजनाओं और नीतियों का निर्माण कर रहे हैं।

पेरिस जलवायु समझौता

यह समझौता एक बहुपक्षीय जलवायु परिवर्तन प्रक्रिया है। यह एक बाध्यकारी समझौता है जिसने सभी देशों को एक समान उद्देश्य के लिए एकजुट हुए हैं। ये राष्ट्र जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने का प्रयास करेंगे। यह समझौता जलवायु परिवर्तन पर कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है। 12 दिसंबर, 2015 को पेरिस में पार्टियों के सम्मेलन (COP) के इक्कीसवें सत्र में इसे 196 पार्टियों द्वारा इसे अपनाया गया था। यह समझौता 4 नवंबर, 2016 को प्रभावी हुआ।

COP26

2021 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन को COP26 के रूप में जाना जाता है। यह 26वां संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन है। इसका आयोजन 1 नवंबर से 12 नवंबर, 2021 तक इसे ग्लासगो, यूनाइटेड किंगडम में किया जाएगा।

Month:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय भारती महोत्सव को संबोधित किया

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय भारती महोत्सव को संबोधित किया। इस महोत्सव का आयोजन चेन्नई में किया गया, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. पलानिस्वामी ने भी भाग लिया।

मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई में वनविल कल्चर सेंटर द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भारती महोत्सव को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने कहा कि अब तक 15 करोड़ महिलाओं को MUDRA ऋण दिया गया है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण महाकवि सुब्रमण्य भारती का एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है, प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महिलाएं अब सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के अधिकारियों के रूप में शामिल हो रही हैं। इस  समारोह में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसिद्ध लेखक सीनी विश्वनाथन को इस वर्ष के भारती पुरस्कार से सम्मानित किया।

राष्ट्रीय कवि, महाकवि सुब्रमण्य भारती के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय भारती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, इस वर्ष उनकी 138वीं जयंती आज मनाई जा रही है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को 2015 में लांच किया गया था इसका उद्देश्य नॉन-कॉर्पोरेट, नॉन-फार्म सूक्ष्म/लघु उद्योगों को 10 लाख रुपये का ऋण प्रदान करना है। यह ऋण वाणिज्यिक बैंक,  क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, कोआपरेटिव बैंक, MFI तथा NBFC द्वारा प्रदान किया जाते हैं। इस योजना के तहत तीन प्रकार के ऋण प्रदान किये जाते हैं

  • शिशु : 50,000 रुपये तक
  • किशोर : 50,000 से 5 लाख रुपये के बीच
  • तरुण : 5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच

Month:

आज प्रधानमंत्री मोदी रखेंगे नए संसद भवन की आधारशिला

आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारत के नए संसद भवन की आधारशिला रखेंगे। इस नए संसद भवन का निर्माण 971 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। जब भारत 2022 में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ मनायेगा तो उस समय राज्यसभा और लोकसभा की बैठकों का आयोजन इस नए संसद भवन में किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

नया संसद भवन पिछले भवन की तुलना में अधिक सांसदों को समायोजित कर सकता है। इसमें 1400 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस भवन का निर्माण प्रबलित सीमेंट कंक्रीट फ्रेम संरचना के साथ किया जायेगा। भारत सरकार इस परियोजना के तहत नए केंद्रीय सचिवालय के लिए शास्त्री भवन और कृषि भवन जैसी संरचनाओं को ध्वस्त करेगी।

इतिहास

दिसंबर 1911 में, किंग जॉर्ज पंचम ने भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की। यह घोषणा दिल्ली दरबार में की गई। यह दरबार ग्रैंड असेंबली है। दिल्ली दरबार में किंग जॉर्ज पंचम के राज्याभिषेक का आयोजन किया गया था।

राज्याभिषेक के बाद, किंग जॉर्ज पंचम ने नई राजधानी के निर्माण के लिए एडविन लुटियंस को नामित किया। वर्तमान संसद भवन और राष्ट्रपति भवन को एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया था। सचिवालय, जिसमें उत्तर और दक्षिण ब्लॉक शामिल हैं, को हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था। सेंट्रल विस्टा में वर्तमान में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार हैं।

योजना क्या है?

उत्तर और दक्षिण ब्लॉक को संग्रहालयों में परिवर्तित किया जायेगा। राष्ट्रपति भवन क्षेत्र से रिज तक के क्षेत्र को जैवविविधता वाटिका में परिवर्तित किया जाएगा। यह भारत की जैविक विविधता को प्रदर्शित करेगा।

Month:

आज प्रधानमंत्री मोदी आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारम्भ करेंगे

आज 7 दिसम्बर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगरा मेट्रो के दो गलियारों को पूरा करने के लिए पांच साल की समय सीमा तय की है। यह मेट्रो रेल सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी और ताज महल देखने के लिए दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को ग्रीन ट्रांसपोर्ट का एक नया अनुभव प्राप्त होगा।

मुख्य बिंदु

आगरा मेट्रो पर्यटन के लिए एक बेहद उपयोगी सिद्ध होगी और ताजमहल से जामा मस्जिद के बीच प्राथमिकता खंड पर पहली मेट्रो ट्रेन के लिए लगभग 3 साल लगेंगे। इस कार्य के लिए ‘heritage impact assessment’ यूनेस्को के दिशानिर्देशों के अनुसार आईआईटी मद्रास और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की मदद से किया गया है। गौरतलब है कि आगरा उत्तर प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है और शहर के प्रदूषण स्तर को कम करने में मेट्रो निश्चित रूप से मदद करेगी।

आगरा मेट्रो रेल परियोजना

इस परियोजना के लिए 8,379.62 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह मेट्रो परियोजना आगरा में शहरी सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर सुधार करेगी। इस परियोजना के पहल चरण में तीन मेट्रो स्टेशन – ताज ईस्ट गेट, बसाई और फतेहाबाद का निर्माण 26 महीनों में 273 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा। इस परियोजना के लिए टेंडरिंग का कार्य पूरा हो चुका है।

 

Month:

पीएम मोदी ने NH-19 के हंडिया (प्रयागराज)-राजतालाब (वाराणसी) सेक्शन की 6-लेन चौड़ीकरण परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 नवम्बर, 2020 को वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के हंडिया (प्रयागराज)-राजतालाब (वाराणसी) खंड की छह-लेन चौड़ीकरण परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अपग्रेडेड हाईवे से लोगों को काफी सहूलियत होगी और इससे विकास को भी बल मिलेगा।

मुख्य बिंदु

एनएच-19 के 73 किलोमीटर के इस खंड को चौड़ा किया गया है, अब इसमें 6 लेन हैं। इसके लिए 2,447 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं। इससे प्रयागराज और वाराणसी के बीच सफ़र के समय में एक घंटे की कमी आएगी।

लाभ

इस अवसर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बुनियादी ढांचा विकास होने पर गरीब लोगों को सबसे अधिक लाभ होता है, क्योंकि यह रोजगार के बहुत सारे अवसर पैदा करता है। इसके अलावा, इससे लोगों की यात्रा भी सुविधाजनक होगी।

इससे पहले, प्रधानमंत्री आज शाम को विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली उत्सव में भाग लेने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। इस उत्सव की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी के राज घाट पर दीया जलाकर की जाएगी, जिसके बाद गंगा नदी के दोनों किनारों पर विभिन्न घाटों पर 15 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए घाटों पर कई सांस्कृतिक टुकड़ियां प्रदर्शन करेंगी जो वहां एक छोटी सभा को भी संबोधित करेंगे।

Month:

4 / 512345

Advertisement