Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana

आर.एस. शर्मा बने आयुष्मान भारत के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी

आर.एस. शर्मा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

मुख्य बिंदु

आर.एस. शर्मा इंदू भूषण की जगह लेंगे। इंदु भूषण का कार्यकाल 3 साल का कार्यकाल आयुष्मान भारत के सीईओ के रूप में समाप्त हो गया है। आर.एस. शर्मा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पूर्व अध्यक्ष हैं। आर.एस. शर्मा कोविड-19 (Covid-19 vaccine delivery technology platform—Co-WIN) का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकी और डेटा प्रबंधन पर अधिकार प्राप्त समूह के प्रमुख हैं। वह कोविड-19 के वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के सदस्य भी हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)

आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के 40% लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए भारत सरकार की एक योजना है। यह योजना 23 सितंबर, 2018 को झारखंड के रांची में आयुष्मान भारत के दूसरे घटक के रूप में शुरू की गई थी। इसे पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। यह योजना देश के निजी और सार्वजनिक सूचीबद्ध अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का कवर प्रदान करती है।

आयुष्मान भारत यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (UHC) को प्राप्त करने के लिए शुरू की गई एक योजना है। इस योजना का पहला घटक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) था। सरकार ने फरवरी 2018 में 1,50,000 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) बनाने की घोषणा की थी।

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने 1.5 करोड़ उपचारों का आंकड़ा पार किया

हाल ही में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने 1.5 करोड़ उपचारों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस योजना के द्वारा देश के कमज़ोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

भारत सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जायेगा। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जायेगा, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य करेगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

 

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