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हुरुन ग्लोबल 500 सूची में 11 भारतीय कंपनियों को शामिल किया गया

हाल ही में हुरुन ग्लोबल 500 की रिपोर्ट  जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 11 निजी भारतीय कंपनियों को दुनिया की 500 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शामिल किया गया है। 

मुख्य बिंदु

इस सूची में 11 कंपनियों के साथ भारत 10वें स्थान पर है। इस सूची में शामिल 11 भारतीय कंपनियों में 14% की वृद्धि दर्ज की गयी है और इनका मूल्य 805 बिलियन डॉलर है। इस सूची में भारतीय कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ऊपर है,1 दिसंबर, 2020 तक मूल्यांकन में 20.5% की वृद्धि हुई है, इसका मूल्यांकन 168.8 बिलियन डॉलर है। हुरुन 500 सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैश्विक रैंक 54वीं है।

इस सूची में दूसरी सबसे मूल्यवान भारतीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) है। इसका मूल्य 139 बिलियन डॉलर है, इसमें 30% की वृद्धि दर्ज की गयी है। इस सूची में टीसीएस को 73वां स्थान दिया गया है। एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 11.5% बढ़कर $ 107.5 बिलियन हो गया है। हिंदुस्तान लीवर का मूल्यमें 3.3% की वृद्धि के साथ 68.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

इन्फोसिस का मूल्य 56.6% की वृद्धि के साथ 66 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है। एचडीएफसी लिमिटेड का मूल्य 56.4 बिलियन तक पहुँच गया और इसमें 2.1% की वृद्धि हुई है। कोटक महिंद्रा बैंक मूल्यांकन में 16.8% की वृद्धि के साथ 50.6 बिलियन डॉलर पर है।

ICICI बैंक  का मूल्य 45.6 बिलियन तक पहुँच गया है, इसमें 0.5% की कमी आई है। वैश्विक रैंकिंग में आईसीआईसीआई बैंक को 316वें स्थान पर रखा गया है। आईटीसी का मूल्यांकन 22% घटकर $ 32.6 बिलियन तक पहुंच गया  है और यह सूची में यह 480वें स्थान पर है।

हुरुन की इस सूची में एप्पल सबसे ऊपर है। एप्पल का मूल्यांकन 2.1 ट्रिलियन डॉलर है। एप्पल के बाद माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न का मूल्यांकन $ 1.6 ट्रिलियन डॉलर है। इस सूची में 242 अमेरिकी कंपनियां, 51 चीनी कंपनियां और 30 जापानी कंपनियां शामिल हैं।

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) बनी 12 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली दूसरी भारतीय कंपनी

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 12 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गयी है। मार्केट कैप कंपनी का वह मूल्य है जिसका व्यापार स्टॉक मार्केट में किया जाता है। मार्केट कैप की गणना कुल शेयर की संख्या को शेयर की वर्तमान कीमत से गुणा करके की जाती है।

मुख्य बिंदु

बीएसई पर टीसीएस के शेयर कीमत में 3.5% बढ़ोत्तरी हुई और यह 3,230 रुपये के 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ 8,727 करोड़ रुपये (7.17% की सालाना वृद्धि) पहुँच गया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में टीसीएस का समेकित शुद्ध लाभ 7,504 करोड़ रुपये था। दिसंबर तिमाही में, कंपनी ने 9 वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि देखी है, हालांकि तीसरी तिमाही कंपनी के लिए कमजोर तिमाही थी।

12 लाख करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप तक पहुंचने वाली पहली भारतीय कंपनी

रिलायंस ने जुलाई 2020 में 12 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (market capitalization) का आंकड़ा छुआ था, रिलायंस इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी। वर्तमान में, रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 12.29 लाख करोड़ रुपये है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की सबसे प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक है। इसकी स्थापना 1968 में की गयी थी। इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई में है। यह कंपनी टाटा समूह की एक सब्सिडियरी है। यह 46 देशों में काम करती है।

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कृष्णा गोदावरी बेसिन के आर-क्लस्टर में गैस का उत्पादन करेंगे रिलायंस और ब्रिटिश पेट्रोलियम

हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और ब्रिटिश पेट्रोलियम ने आर क्लस्टर से गैस उत्पादन शुरू करने की घोषणा की। R क्लस्टर एशिया का सबसे गहरा ऑफ-शोर गैस क्षेत्र है।यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और ब्रिटिश पेट्रोलियम द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई तीन डीप-वाटर गैस परियोजनाओं में से पहली है।

आर क्लस्टर क्या है?

R क्लस्टर एक ऑफ-शोर गैस फील्ड है जो कृष्णा गोदावरी बेसिन के KG-D6 ब्लॉक का एक हिस्सा है। इस ब्लॉक में अन्य 2 गहरे पानी की गैस परियोजनाएं सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे गैस क्षेत्र हैं। R क्लस्टर एशिया में सबसे गहरा ऑफ-शोर गैस क्षेत्र है और इसमें 12.9 MMSCMSD का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो वर्तमान में भारत के प्राकृतिक गैस उत्पादन का 10% है।

ब्रिटिश पेट्रोलियम और रिलायंस तीनों क्षेत्रों पर संयुक्त रूप से 40,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। इसका उत्पादन मई 2020 तक शुरू होना था लेकिन COVID-19 के कारण इसमें देरी हुई। टेलाइट  क्लस्टर में उत्पादन 2021-22 में शुरू होगा।

यह काकीनाडा तट से मौजूदा KG D6 कंट्रोल और राइजर प्लेटफार्म से 60 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है।

आर-क्लस्टर का महत्व

प्राकृतिक गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इन तीन परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। इससे 2030 में भारत के उर्जा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 6.2% से बढ़कर अब 15% हो जाएगी। इससे आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा।

भारत में प्राकृतिक गैस

मार्च 2018 तक भारत में अनुमानित प्राकृतिक गैस का भंडार 1,339 बिलियन क्यूबिक मीटर था। देश में सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार पूर्वी और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में स्थित है। भारत में पहला प्राकृतिक गैस भंडार 1889 में असं के डिगबोई में खोजा गया था। भारत में, प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक, इस्पात, पेट्रोकेमिकल और बड़े पैमाने पर शहरीगैस वितरण में किया जाता है।

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