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भारत ने SCO के नौरोज़ समारोह में भाग लिया

बीजिंग में भारतीय दूतावास ने 20 मार्च, 2021 को चीन के बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) के सचिवालय में आयोजित नौरोज़ समारोह  में भाग लिया। नौरोज़ (Nowruz) ईरानी और फारसी नव वर्ष समारोह है।

मुख्य बिंदु

स समारोह में भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री (Vikram Misri) ने भाग लिया, इसमें साथ ही अन्य एससीओ सदस्य देशों के राजनयिकों में शामिल थे जिनमें चीन, रूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। इस उत्सव में 500 से अधिक मेहमानों ने हिस्सा लिया। इस समारोह के दौरान, भारतीय दूतावास ने योग, कथक और भारतीय व्यंजनों को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर, भारतीय राजदूत ने भारत और एससीओ की मित्रता के पोषण के प्रतीक के रूप में एक चीड़ का पेड़ भी लगाया।

नवरोज़ या नौरोज़ (Nowruz)

यह ईरानी नव वर्ष (Iranian New Year) है जिसे फारसी नव वर्ष (Persian New Year) के रूप में भी जाना जाता है। नया साल वसंत विषुव या मार्च विषुव पर शुरू होता है जिसे फरवर्दिन (Farvardin) के पहले दिन के रूप में चिह्नित किया गया है। फरवर्दिन ईरानी सौर कैलेंडर का पहला महीना है। यह दिन दुनिया भर में कई समूहों द्वारा मनाया जाता है। नौरोज़ की उत्पत्ति ईरानी और पारसी संस्कृति है। लेकिन यह त्योहार विभिन्न समुदायों द्वारा 3,000 वर्षों से मध्य एशिया, पश्चिमी एशिया, काला सागर बेसिन, काकेशस, बाल्कन और दक्षिण एशिया में मनाया जाता है। ईरान में नौरोज़ का समय सौर हिजरी एल्गोरिथम कैलेंडर (Solar Hijri Algorithmic Calendar) पर आधारित है।

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भारत करेगा एससीओ के सरकार के प्रमुखों की बैठक का आयोजन

भारत 30  नवम्बर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक की मेजबानी वर्चुअल फॉर्मेट में करेगा। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के  उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू बैठक करेंगे।

मुख्य बिंदु

यह पहली बार है जा भारत की अध्यक्षता में इस शिखर सम्मेलन की बैठक आयोजित की जाएगी। भारत ने 2017 में शंघाई सहयोग संगठन की पूर्ण सदस्यता हासिल की थी।

यह शिखर सम्मेलन वार्षिक रूप से प्रधानमंत्रियों के स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसमें व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर फोकस किया जाता है। भारत ने पिछले वर्ष 2 नवंबर को सरकार के प्रमुखों की परिषद की अध्यक्षता हासिल की थी। इस बैठक में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री SCO बैठक में भाग लेंगे। इसमें पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के लिए संसदीय सचिव द्वारा किया जाएगा।

एससीओ सदस्य देशों के अलावा इसमें एससीओ के चार पर्यवेक्षक देश भी भाग लेंगे – जिसमें अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति, बेलारूस के प्रधानमंत्री और मंगोलिया के उप-प्रधानमंत्री शामिल हैं। तुर्कमेनिस्तान को मेजबान के विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)

यह एक राजनीतिक और सुरक्षा समूह है जिसका मुख्यालय बीजिंग में है। रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने वर्ष 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में एससीओ की स्थापना की थी। यह 40% से अधिक मानवता एवं वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता हैं। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया वर्तमान में इसके पर्यवेक्षक है। वर्ष 2005 में भारत और पाकिस्तान को इस समूह के पर्यवेक्षकों के तौर पर शामिल किया गया था. दोनों देशों को वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य बनाया गया।

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