The Energy and Resources Institute

इंडिया क्लाइमेट चेंज नॉलेज पोर्टल क्या है?

हाल ही में भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इंडिया क्लाइमेट चेंज नॉलेज पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल में जलवायु परिवर्तन की समस्याओ को दूर करने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मिलेगी।  इस इवेंट के दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत ने प्री-2020 के क्लाइमेट एक्शन टारगेट्स को हासिल कर लिया है।

इंडिया क्लाइमेट चेंज नॉलेज पोर्टल

इंडिया क्लाइमेट चेंज नॉलेज पोर्टल में केंद्र सरकार के मंत्रालयों द्वारा अनुकूलन और शमन के लिए उठाये गये क़दमों की जानकारी उपलब्ध होगी। इसमें इन कार्यों के कार्यान्वयन के बारे में अपडेटेड जानकारी भी शामिल है। इस पोर्टल के आठ प्रमुख घटक इस प्रकार हैं : भारत की जलवायु प्रोफ़ाइल, भारत के एनडीसी लक्ष्य, राष्ट्रीय नीति फ्रेमवर्क, अनुकूलन कार्रवाई, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग, रिपोर्ट और प्रकाशन, शमन क्रियाएं, अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वार्ता।

भारत है 2C लक्ष्य हासिल करने वाला एकमात्र G20 देश

भारत एकमात्र ऐसा G20 देश है जो 2015 के पेरिस समझौते को पूरा करने के मार्ग पर अग्रसर है। 2C लक्ष्य के तहत वर्ष 2100 तक, पूर्व औद्योगिक स्तर की तुलना में दो डिग्री सेल्सियस के भीतर वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को सीमित रखने की योजना है। इससे पहले, 2015 में हस्ताक्षरित पेरिस समझौते के तहत, यह सीमा 1.5 डिग्री सेल्सियस तय की गयी थी। परन्तु भारत 1.5-डिग्री के लक्ष्य को हासिल करने से अभी दूर है।

TERI (The Energy and Resources Institute) के मुताबिक, 19 उभरती और अग्रणी अर्थव्यवस्थाएं अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से काफी दूर हैं। इसमें अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

भारत का राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally determined contributions – NDC)

भारत के तीन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान इस प्रकार से हैं :

  • 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को एक तिहाई तक कम किया जायेगा।
  • गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 40% विद्युत् प्राप्त करना।
  • 2030 तक 5 से 3 बिलियन टन के कार्बन डाइऑक्साइड सिंक के बराबर वन आवरण का लक्ष्य प्राप्त करना।

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