केलिडोस्कोप प्रभाव (Kaleidoscope Effect) क्या है?

हाल ही में, बैंगलोर के लोगों ने कुछ सेकंड के लिए सूर्य के चारों ओर एक चमकदार इंद्रधनुषी वलय (bright rainbow ring) देखा। यह एक दुर्लभ ऑप्टिकल और वायुमंडलीय घटना है जिसे केलिडोस्कोप प्रभाव (Kaleidoscope Effect) के रूप में जाना जाता है इसे “22-डिग्री गोलाकार प्रभामंडल” (22-degree circular halo) के रूप में भी जाना जाता है।
22-Degree Circular Halo क्या है?
22 डिग्री वृत्ताकार प्रभामंडल (22-degree circular halo ) सूर्य के चारों ओर और कभी-कभी चंद्रमा के आसपास देखा जाता है। इसलिए इसे मून रिंग या विंटर हेलो भी कहा जाता है। यह घटना तब होती है जब सिरस बादलों (cirrus clouds) में मौजूद षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टल के माध्यम से सूर्य या चंद्रमा से किरणें अपवर्तित (refracted) हो जाती हैं।
इसे 22-डिग्री वृत्ताकार प्रभामंडल क्यों कहा जाता है?
क्योंकि, सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल या वलय की स्पष्ट त्रिज्या 22 डिग्री होती है।
कौन सा बादल सर्कुलर हेलो उत्पन्न करता है?
वृत्ताकार प्रभामंडल सिरस बादलों (cirrus clouds) द्वारा निर्मित होते हैं।
सिरस बादल (Cirrus Clouds)
ये बादल 20,000 फीट की ऊंचाई पर वायुमंडल में बने पतले, अलग, बालों जैसे बादल हैं।
हेलो क्या है?
यह वृत्ताकार डिस्क के भीतरी किनारे पर मौजूद सबसे चमकीला हिस्सा है, जहां डिस्क के अंदर कोई प्रकाश नहीं होता है, क्योंकि छोटे कोणों से कोई प्रकाश अपवर्तित नहीं होता है।
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