‘स्वाधीनता सड़क’ क्या है?

हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. ए.के. अब्दुल मोमेन स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश और भारत के बीच ‘स्वाधीनता सड़क’ 21 मार्च, 2021 पर चालू हो जाएगी।

मुख्य बिंदु

बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. ए.के. अब्दुल मोमेन ने कहा कि यह सड़क भारतीय दिशा में कार्यात्मक है। उन्होंने यह भी कहा, कि यह सड़क बांग्लादेश के मुजिबनगर (मेहरपुर जिले) के माध्यम से जुड़ेगी।

भारत-बांग्लादेश सम्बन्ध

दोनों देशों ने मार्च 1972 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की थी, उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ढाका की यात्रा की थी। दोनों देशों ने “भारत-बांग्लादेश संधि, सहकारिता और शांति संबंध” पर हस्ताक्षर किए थे। इस संधि को 1972 की ‘इंदिरा-मुजीब संधि’ के रूप में भी जाना जाता है। दोनों देश सार्क, बिम्सटेक, आईओआरए और राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं। वे कई सांस्कृतिक संबंधों को साझा करते हैं।

भारत-बांग्लादेश विकास सहयोग

भारत बांग्लादेश में विकास गतिविधियों में एक सक्रिय भूमिका निभाता है। वर्ष 2011 में, भारत ने बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 750 मिलियन डॉलर का ऋण दिया है। भारत ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2014 में 1 बिलियन डॉलर का सॉफ्ट लोन दिया था।

भारतीय इकाइयों जैसे BHEL और RITES से उपकरण और सेवाएं खरीदने के लिए 862 मिलियन डॉलर लाइन ऑफ़ क्रेडिट के रूप में प्रदान किए गए थे। दोनों देशों ने स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं।  वर्ष 2018 में दोनों देशों ने 130 किलोमीटर लंबी बांग्लादेश-भारत मैत्री पाइपलाइन का उद्घाटन किया था। बांग्लादेश को 4 लाख मीट्रिक टन डीजल की आपूर्ति के लिए इस पाइपलाइन का उपयोग किया जाता है।

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