2024 तक सभी योजनाओं के तहत फोर्टीफाईड चावल (fortified rice) प्रदान किया जाएगा

75वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए , प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को फोर्टिफाइड चावल (fortified rice) उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

  • यह निर्णय भारत में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है।
  • भारत के हर गरीब व्यक्ति को पोषण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
  • यह निर्णय इस दृष्टि से लिया गया है कि गरीब महिलाओं और गरीब बच्चों में कुपोषण और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी उनके विकास में एक बड़ी बाधा है।
  • बाल कुपोषण बच्चों की वृद्धि और विकास के लिए एक बड़ा खतरा है।
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी भारतीय आबादी में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनी हुई है।

घोषणा का महत्व

यह घोषणा महत्वपूर्ण है क्योंकि, सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (National Food Security Act – NFSA), 2013 के तहत कवर की गई योजनाओं के तहत 300 लाख टन से अधिक चावल वितरित करती है।

फूड फोर्टिफिकेशन क्या है? (What is food fortification?)

खाद्य सुदृढ़ीकरण (food fortification) सबसे सरल और टिकाऊ सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति है जो सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी की चुनौती का समाधान करती है। यह एक लागत प्रभावी, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त दृष्टिकोण है। यह मौजूदा खाद्य वितरण प्रणालियों के माध्यम से व्यापक और कमजोर आबादी तक आसानी से पहुंचने में भी मदद करता है। इसमें विभिन्न किस्म के पोषक तत्त्व जैसे आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन्स इत्यादि शामिल किये जाते हैं।

चावल को फोर्टीफाई क्यों किया जाएगा?

क्योंकि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, एकीकृत बाल विकास सेवाओं, मध्याह्न भोजन योजनाओं आदि जैसे सरकारी खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में चावल की मात्रा सबसे अधिक है। इसके अलावा, चावल में 10 लाख से अधिक लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों तक पहुंचने की क्षमता है। फोर्टीफाई किये गये चावल में विभिन्न किस्म के पोषक तत्त्व जैसे आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन्स इत्यादि शामिल किये जायेंगे।

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