DRDO ने विकसित किया उच्च शक्ति वाला बीटा टाइटेनियम मिश्र धातु

भारत के रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा एक उच्च शक्ति टाइटेनियम मिश्र धातु विकसित की गई है। इस मिश्र धातु को एयरोस्पेस संरचनात्मक फोर्जिंग में अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है।
टाइटेनियम मिश्र धातु (Titanium Alloy)
टाइटेनियम मिश्र धातु अपनी लचीलापन, उच्च शक्ति, फ्रैक्चर मजबूती के कारण अद्वितीय हैं जो इसे विभिन्न विमान संरचनात्मक अनुप्रयोगों (aircraft structural applications) के लिए फायदेमंद बनाते हैं।
इसके अलावा इस मिश्र धातु की स्टील की तुलना में इसके बेहतर संक्षारण प्रतिरोध (corrosion resistance) के कारण अपेक्षाकृत कम जीवनकाल लागत है, जो इसे विमान संरचनात्मक अनुप्रयोगों के लिए बहुत फायदेमंद बनाती है।
DRDO ने कहा है कि इस मिश्र धातु का इस्तेमाल विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है जिसमें स्लैट और फ्लैप ट्रैक, लैंडिंग गियर और लैंडिंग गियर में ड्रॉप लिंक आदि शामिल हैं।
इस मिश्र धातु के साथ निकट भविष्य में प्रतिस्थापित (replace) किए जा सकने वाले 15 से अधिक इस्पात घटकों की पहचान वैमानिकी विकास एजेंसी (Aeronautical Development Agency – ADA) द्वारा की गई है।
मिश्र धातु की संरचना (Composition of the Alloy)
इस उच्च शक्ति मिश्र धातु, Ti-10V-2Fe-3Al में आयरन, वैनेडियम और एल्युमिनियम है। डिफेंस मेटलर्जिकल रिसर्च लेबोरेटरी (DMRL) ने इस उच्च शक्ति वाले टाइटेनियम मिश्र धातु को विकसित किया है।
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