पुरुलिया जिले का इतिहास
पुरुलिया जिले का इतिहास उस समय से दर्ज है जब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1765 में बंगाल, बिहार और उड़ीसा के “दीवानी का अनुदान” प्राप्त किया था। लेकिन पुरातात्विक सर्वेक्षण और अवशेष और शिलालेख इस बात की पुष्टि करता है कि पुरुलिया सोलह महाजनपदों के क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। जैन भगवती-सूत्र